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संस्थान का परिचय PDF Print E-mail

यह संस्थान 1970 ई. से इस गोडवाड़ के सर्वेक्षण-शोध कार्य व लेखन कार्य में जुटा हुआ है। सन् 2001 में इस कार्य हेतु आवश्यकता समझ कर इसको श्री गोडवाड़ सांस्कृतिक शोध संस्थान के नाम से कार्यकारिणी समिति गठन कर सन् 2002 में पंजीयन कार्य पूरा करवाया गया। इस कार्य में  गोडवाड़ के अतिविशिष्ट समर्पित भाव से सेवार्थ-कर्मठ कार्यकत्र्ता, विद्वान-श्रेष्ठि, भू.पू. शासक एवं मातृभूमि से उत्कंठित महानुभावों के सौहार्दता को प्रथम स्थान दिया गया। गत वर्षों से 2015 तक इस क्षेत्र में श्री गोडवाड़ सांस्कृतिक शोध संस्थान ने अपना धरातल ढूंढ़कर नव कीर्तिमान स्थापित किया है। स्वायत्त संस्था के रूप में शोध, पुरातत्व ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक क्षेत्र में 8वीं शताब्दी से 18वीं शताब्दी तक महत्वपूर्ण निर्माण, खोज, शिलालेख, आलेख, पट्टे, परवाने, सिक्कें, चित्र, शिल्प, निर्माण-पृष्ठभूमि आंकलन ऐसे कठिन कार्यों का संग्रह करके आलेख की तैयारी पूर्ण की। विश्वास है कि हम सभी नींव की ईट बनकर इस भूमि पर गोडवाड़ का प्रतीक संस्थान को ऐसा रूप दें जो सहस्त्रों वर्षों तक अपनी गौरवशाली गाथा का साहित्य इतिहास में अपना रंग जमाकर कीर्तिमान पताका फहराएं, आईये इसमें आपका भी सहयोग महत्वपूर्ण है।

 

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